विधिक सहायता/विधिक सलाह

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विधिक सहायता/विधिक सलाह
    राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति/उपसमिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समितियां द्वारा समाज के गरीब, असहाय, पीडित एवं विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को उनके विरूद्व चल रहे प्रकरण या उनके द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने वाले प्रकरणों में निशुल्क एवं सक्षम विधिक सहायता दी जाती है।

विधिक सेवायें कौन व्यक्ति प्राप्त कर सकता है:-
    कोई भी व्यक्ति निशुल्क विधिक सेवाऐं प्राप्त करने का अधिकारी है जिसकी वर्ष भर की आमदनी दो लाख रूपये से ज्यादा की नहीं है। इसके अतिरिक्त निम्न श्रेणी के सभी व्यक्ति भी बिना आय सीमा के बंधन के निशुल्क विधिक सेवायें प्राप्त करने के अधिकारी है-
    ऽ जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य है।
    ऽ ऐसा व्यक्ति जो लोगो के दुव्र्यवहार से पीडित है या जिससे बैगार कराया जा रहा हो, महिला या बालक हो।
    ऽ ऐसा व्यक्ति जो मानसिक रूप से अस्वस्थ्य है या अन्यथा असमर्थ है, या निर्योग्य है निर्योग्य का तात्पर्य है- अंधापन, कमजोर दिखाई देना, जिसे कुष्ठ रोग है, कम सुनाई देना, जो चल फिर नहीं सकता, जो दिमागी रूप से बीमार हो, ऐसा व्यक्ति जो बहुविनाश जातीय हिंसा या जातीय अत्याचार से सताया गया है, प्राकृतिक आपदा जैसे-भूकंप, बाढ सूखा आदि से पीडित है।
    ऽ ऐसा व्यक्ति जो औद्योगिक कर्मकार है।

किस तरह की विधिक सेवा मिलती है:-
    ऽ कोर्टफीस
    ऽ तलवाना
    ऽ टाईपिंग, फोटोकाॅपी खर्च
    ऽ गवाह का खर्च
    ऽ अनुवाद कराने में लगने वाला खर्च
    ऽ निर्णय, आदेश तथा अन्य कागजातो की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने का पूरा खर्च
    ऽ वकील फीस का भुगतान किया जाता है तथा उसे निशुल्क विधिक सलाह भी प्रदान की जाती है।
    विधिक सेवा तहसील न्यायालय से लेकर जिला स्तर के सभी न्यायालयों, अधिकरणों, उच्च न्यायालय में प्रदान कराई जाती है।

विधिक सेवा कैसे प्राप्त की जायें ?
    कोई भी पात्र व्यक्ति तहसील विधिक सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति कार्यालय में उपस्थित होकर एक लिखित आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

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